क्रमांक      दिनाँक किसानो की सँख्या                          सन्देश का प्रकार
1 07/01/2019 78064 1. चने की फसल में 35 से 40 दिन होने पर अच्छी शाखा निकलने के लिए ऊपर से खुटाई कर देवे I
2.गेहू की फसल में चौड़ी पत्ती के नियंत्रण हेतु वेस्टा का 12 ग्रा. प्रति स्प्रेयर घोल बनाकर छिड़काव करें I
2 15/01/2019 78054 दलहनी फसल में पीला मोज़ेक रोग प्रबंधन हेतु थायोमेथॉक्सेम या इमिडाक्लोरप्रिड या एसिटामिप्रिड का 5 मिली./ स्प्रेयर घोल बनाकर 15 दिन के अंतराल में 2 - 3 बार छिड़काव करे.
3 17/01/2019 78066 प्याज में चौड़ी व संकरी खरपतवार प्रबंधन हेतु ओक्सिफ्लोरफेन 15 - 20 मिली / स्प्रेयर या क्लीजालोफॉप इथाइल 30 - 35 मिली./ स्प्रेयर लगाने के 10 - 15 दिन बाद छिड़काव करें.
4 24/01/2019 31 गेहू फसल में कंसे तथा गांठ बनने की अवस्था में सिंचाई अवश्य करे .
5 13/02/2019 78067 फ़रवरी का दूसरा पखवाड़ा ग्रीष्मकालीन मूंग , मूंगफली, एवं सूर्यमुखी बोने के लिए अनुकूल है I जहा चने की कटाई हो गई हो वहां सिमित सिंचाई उपलब्ध होने की स्थिति में मूंग की बोनी की जावे .
6 02/03/2019 78069 सरसो में माहू का प्रकोप बढ़ने की सम्भावना है, यदि माहु बढ़ता है तो उसके रोकथाम के लिए डाइमेथोएट 30 ई.सी. 1000 मिली. प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करे .
7 05/03/2019 78082 दलहनी एवं तिलहनी फसलों की कटाई का कार्य संपन्न करे, अधिक देरी होने से दाना झड़ने की सम्भावना बढ़ जाती है. भण्डारण हेतु दलहनी फसल के बीजो में 8 से 10 % नमी हो इस हेतु बीजो को धूप में अच्छी सुखाएं .
8 14/03/2019 78083 वर्तमान में आम की फसल फूल आने / फल बनने की अवस्था में है. इस अवस्था में आम का फुदका कीट का प्रकोप देखा जाता है. अतः किसान भाइयो को सलाह दी जाती है कि आम के बगीचों कि साफ सफाई रखे.
9 19/03/2019 78083 1 . ग्रीष्म कालीन मूंग की बुवाई करे. 2 फसल काटने के बाद यदि खेत में नमी हो तो खाली खेत को मिटटी पलटने वाले हल से जुताई करे. 3 केला एवं पपीता के पौध में सप्ताह में एक बार पानी अवश्य देवे.
10 23/03/2019 78083 1 गर्मी के चारे एवं बहुवर्षीय चारे की फसल हाइब्रिड नेपियर को लगाने के लिए खेत तैयार करे एवं बुवाई करे. 2 गर्मी के मौसम में प्रति पशु प्रतिदिन 50 - 60 ग्राम नमक अवश्य खिलाये
11 02/04/2019 78067 ग्रीष्मकालीन मूँग की बुवाई के लिए अनुकूल समय है अतः किसान भाइयो को सलाह है की सिंचित क्षेत्रों में गेहू /चना की कटाई के पश्चात नींदारहित खेत तैयार कर मूँग की बुवाई यथाशीघ्र पूर्ण करे.